माउंट किनाबालु : सुगंध का खजाना
माउंट किनाबालु को धरती पर स्वर्ग कहा जाना चाहिए। जी हां, माउंट किनाबालु
का प्राकृतिक सौन्दर्य अद्भुत एवं विलक्षण है। लिहाजा यह किसी स्वर्ग से
कम नहीं है।
मलेशिया के वेस्ट कोस्ट डिवीजन का यह प्राकृतिक सौन्दर्य वैश्विक पर्यटकों
का एक खास आकर्षण है। लिहाजा दुनिया के पर्यटक माउंट किनाबालु खास तौर से
घूमने आते हैं। समुद्र तल से करीब 4095 मीटर ऊंचाई पर स्थित माउंट किनाबालु
वस्तुत: प्रकृति का शानदार आयाम एवं सुगंध का खजाना है।
दुर्लभ एवं सामान्य आैषधीय वनस्पतियों की खान कहा जाने वाला माउंट
किनाबालु अपनी आगोश में विविधिता रखता है। विशेषज्ञों की मानें तो माउंट
किनाबालु दक्षिण पूर्व एशिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी है।
एशिया का सबसे पसंदीदा पर्वतारोहण क्षेत्र माना जाने वाला माउंट किनाबालु
जैव विविधिता के लिए दुनिया में जाना जाता है। खास यह कि फर्न की 600 से
अधिक प्रजातियां माउंट किनाबालु में संरक्षित हैं। इतना ही नहीं, पक्षियों
की 326 से अधिक प्रजातियां माउंट किनाबालु पर कोलाहल एवं कलरव करती सुनाई
देती हैं।
माउंट किनाबालु पर सैरसपाटा के लिए आवश्यक है कि मान्यता प्राप्त एवं
प्रशिक्षित गाइड की सहायता ली जाये। जिससे पर्यटक बिना किसी असुविधा के मौज
मस्ती कर सकें। माउंट किनाबालु की विशिष्टताओें को देखते हुए यूनेस्को ने
इसे विश्व विरासत घोषित किया है।
विश्व विरासत के तौर पर संरक्षित माउंट किनाबालु पर पर्यटक पर्वतारोहण का
भरपूर आनन्द ले सकते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो ब्राोर्नियो की क्रोकर
रेंज की सबसे ऊंची पर्वत चोटी है। खास यह है कि माउंट किनाबालु मलय द्वीप
समूह का सबसे ऊंचा पर्वत है। इतना ही नहीं, मलेशिया का सबसे ऊंचा पर्वत
माना जाता है।
स्थलाकृति सुन्दरता में भी माउंट किनाबालु का कोई जोड़ नहीं है। शायद
इसीलिए माउंट किनाबालु को दुनिया का सबसे सुन्दर पर्वत माना जाता है।
अल्पाइन घास के सुन्दर एवं विशाल मैदान माउंट किनाबालु की शान एवं शोभा
हैं। झाड़ियों के गुम्बद भी यहां बेहद आकर्षक प्रतीत होते हैं।
दुनिया के अति महत्वपूर्ण जैविक स्थलों में एक माउंट किनाबालु पर आैषधीय
वनस्पतियों की 6000 से अधिक प्रजातियां संरक्षित, पुष्पित एवं पल्लवित हैं।
यहां की प्राकृतिक समृद्धता का सहज अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि
राफलेशिया पौधे माउंट किनाबालु की विशेषता हैं।
राफलेशिया का पौधा एक खास विशिष्टता रखता है। जिसमें दुनिया का सबसे बड़ा
आैर इकलौता फूल होता है। इस फूल का आकार प्रकार 94 सेंटीमीटर तक बढ़ता है।
हालांकि फूल का खिलना अति दुर्लभ होता है। अंजीर के पेड़ों के साथ ही
कीटभक्षी पौधे भी यहां की विशिष्टता में शामिल हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो आर्किड की 800 से अधिक प्रजातियां माउंट किनाबालु
पर आसानी से देखी जा सकती हैं। विशेषज्ञों की मानें तो यह विशिष्टता केवल
माउंट किनाबालु पर ही दिखेगी। दांतेदार एवं सर्पकार इलाका माउंट किनाबालु
काफी कुछ विशिष्ट है।
दुनिया के विशिष्ट गोल्फ क्लब श्रंखला में माउंट किनाबालु का गोल्फ क्लब
खास तौर से जाना एवं पहचाना जाता है। लिहाजा पर्यटक माउंट किनाबालु पर
गोल्फ का शौक भी पूरा कर सकते हैं। मलमल सी हरी-भरी घास मन मस्तिष्क को
प्रफुल्लित कर देती है।
शीतल एवं शांत जलवायु वाला माउंट किनाबालु पर्यटकों को एक खास ऊर्जा
प्रदान करता है। माउंट किनाबालु पर बादलों की घुमक्कड़ी बेहद रोमांचकारी
होती है।
ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे बादलों संग सैर हो रही हो। कुल मिलाकर माउंट
किनाबालु पर्यटकों को प्राकृतिक सौन्दर्य के दिव्य दर्शन कराता है। जिससे
मन एवं मस्तिष्क प्रफुल्लित हो उठता है।
माउंट किनाबालु की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम
एयरपोर्ट कोटा किनाबालु इण्टरनेशनल एयरपोर्ट है। निकटतम रेलवे स्टेशन कोटा
किनाबालु है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी माउंट किनाबालु की यात्रा कर सकते
हैं।
5.980160,116.072960
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