कंधमाल हिल स्टेशन : प्रकृति का सुन्दर उपहार
कंधमाल हिल स्टेशन को प्रकृति का सुन्दर उपहार कहा जाना चाहिए। जी हां,
कंधमाल हिल स्टेशन का प्राकृतिक सौन्दर्य अद्भुत एवं विलक्षण है।
शायद इसी लिए कंधमाल वैश्विक पर्यटकों का सर्वाधिक पसंदीदा हिल स्टेशन है।
भारत के ओड़िशा के कंधमाल जिला का कंधमाल हिल स्टेशन काफी कुछ विशिष्ट है।
झीलों, झरनों, घाटियों-वादियों वाले इस इलाके को धरती का स्वर्ग भी कहा
जाता है। प्रकृति का स्वर्ग कहा जाने वाला कंधमाल हिल स्टेशन वस्तुत: ओड़िशा
की शान एवं शोभा है।
कंधमाल हिल स्टेशन पर शीतल एवं शांत हवाओं के झोके पर्यटकों को एक सुकून
प्रदान करते हैं। लिहाजा यहां का परिवेश पर्यटकों को एक खास ताजगी प्रदान
करता है। कंधमाल हिल स्टेशन की शानदार पर्वत श्रंखला एवं मखमली घास के
मैदान बेहद लुभाते हैं।
कंधमाल का प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को खास ऊर्जावान बना देता है।
कंधमाल का हस्तशिल्प खास तौर से दोकरा, टेराकोटा एवं बांस के उत्पाद
अत्यधिक प्रसिद्ध हैं। कंधमाल की सभ्यता, संस्कृति एवं प्राकृतिक सौन्दर्य
अति समृद्ध है। कंधमाल वस्तुत: ओड़िशा की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर है।
खास यह कि कंधमाल हिल स्टेशन विशिष्टताओं से भरा है। कंधमाल हिल स्टेशन पर
बादलों का खिलंदड़पन एवं घुमक्कड़ी पर्यटकों को रोमांचित कर देती है।
वस्तुत: कंधमाल हिल स्टेशन पर्यटकों को एक मखमली स्पर्श का एहसास कराता
है।
कंधमाल हिल स्टेशन एवं उसके आसपास आकर्षक एवं लुभावने स्थानों की एक लम्बी
श्रंखला विद्यमान है। इनमें खास तौर से फूलबाणी, पुतुडी जल प्रपात,
बलासकुंपा, विरुपाक्ष मंदिर, दारिंगबाड़ी, डुंगी, कलिंग घाटी, मंदसुरु कुटी,
बेलघर आदि इत्यादि दर्शनीय स्थल हैं।
फूलबाणी: फूलबाणी वस्तुत: कंधमाल जिला का मुख्यालय है। फूलबाणी प्राकृतिक दृष्टि से अति दर्शनीय एवं खूूबसूरत स्थान है। चारों ओर पर्वतों से घिरा फूलबाणी की दिशाओं में पिल्लसलंुकी नदी प्रवाहमान है।
पहाड़ी पर भेटखोल एवं ब्रााह्मणी देवी मंदिर विद्यमान हैं। इस पर्वत से
कंधमाल का विहंगम एवं अति सुन्दर दृश्य दिखता है। जगन्नाथ मंदिर एवं
नारायणी देवी मंदिर फूलबाणी के मुख्य आकर्षण हैं।
पुतुडी जल प्रपात: पुतुडी जल प्रपात प्रकृति के बीच संरचित एक अति दर्शनीय
एवं खूबसूरत स्थान है। इसी इलाके में संलुकी नदी करीब 60 फुट की ऊंचाई से
प्रवाहमान है। झरना एवं नदी का प्रवाह पर्यटकों को रोमांचित करता है। यह
शानदार झरना फूलबाणी से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित है।
बलासकुंपा: बलासकुंपा वस्तुत: एक अति दर्शनीय एवं धार्मिक स्थान है।
बलासकुंपा वस्तुत: देवी बरला मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि बरला
देवी जनरक्षा करती हैं। बलासकुंपा धार्मिक स्थान होने के साथ ही एक शानदार
पिकनिक स्पॉट भी है।
निकट ही पिल्लसुलंकी बांध भी है। बलासकुंपा से पिल्लसुलंकी बांध की दूरी
करीब 3 किलोमीटर है। हालांकि फूलबाणी से बलासकुंपा की दूरी करीब 15
किलोमीटर है। यह इलाका पिकनिक के लिए खास तौर से प्रसिद्ध है।
विरुपाक्ष मंदिर: विरुपाक्ष मंदिर फूलबाणी से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित
है। चाकपाड़ा में स्थित विरुपाक्ष मंदिर वस्तुत: भगवान शिव को समर्पित एक
दिव्य भव्य मंदिर है। इस मंदिर की विशेषता है कि मंदिर का शिवलिंग दक्षिण
दिशा की ओर झुका है।
खास यह कि इसी प्रकार चाकपाड़ा के पेड़ पौधे भी दक्षिण दिशा की ओर झुकाव
रखते हैं। मान्यता है कि रावण शिवलिंग को लेकर लंका जा रहा था, लेकिन
शिवलिंग को किसी अन्य व्यक्ति को दिया था।
उस व्यक्ति ने शिवलिंग को भूमि पर रख दिया जिससे शिवलिंग इस स्थान पर
स्थापित हो गया। मंदिर की दीवारों पर प्रसंग वर्णित है। इस मंदिर में
ब्राह्मा एवं विष्णु भी दर्शनीय हैं।
दारिंगबाड़ी: दारिंगबाड़ी को वस्तुत: ओड़िशा का कश्मीर कहा जाता है। समुद्र
तल से करीब 3000 फुट की ऊंचाई पर स्थित दारिंगबाड़ी चाय-काफी के बागान एवं
चीड़ के सुन्दर पेड़ों के लिए प्रसिद्ध है। यहां की खूबसूरत घाटियां-वादियां
पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।
सर्दियों में यह इलाका बर्फ से आच्छादित हो जाता है। सर्दियों में
दारिंगबाड़ी का प्राकृतिक सौन्दर्य अति दर्शनीय हो जाता है। इसे रोमांच का
पर्याय कहें तो शायद कोई अतिश्योक्ति न होगी। यह पर्वतीय इलाका फूलबाणी से
करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित है।
कंधमाल हिल स्टेशन की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम
एयरपोर्ट भुवनेश्वर इण्टरनेशनल एयरपोर्ट है। एयरपोर्ट से कंधमाल हिल स्टेशन
की दूरी करीब 211 किलोमीटर है। निकटतम रेलवे स्टेशन बरहामपुर जंक्शन है।
बरहामपुर रेेलवे स्टेशन से कंधमाल हिल स्टेशन की दूरी करीब 200 किलोमीटर
है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी कंधमाल हिल स्टेशन की यात्रा कर सकते हैं।
20.108070,84.041670
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